Monday, February 28, 2011

अच्छा होता अगर कुछ और ठहर जाते

प्रदेश की वर्तमान सरकार का सबसे बड़ा तोहफा कानपुर में मुकेश मेश्राम का जिलाधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाना था. सालों के बाद कानपुर को एक जीवंत अंदाज का ऐसा अधिकारी मिला जिसने अपने आठ महीने से कुछ अधिक के अल्प कार्यकाल में बच्चों से लेकर अशक्त वृद्धों तक अपनी पहुच दिखाई. का...नपुर में सालों बाद आई गंगा में बाढ़ के पीडितों के दर्द बांटने के मामले हों या फिर पनकी के पास घटित रेल-दुर्घटना, वे सदा पीडितों के साथ रहे.यह जीवन्तता उनका कानपुर महोत्सव के देर रात के कार्यक्रम में सहभागी बनकर भी जाहिर किया गया. यद्यपि कानपुर की सूरत-ए-हाल बदलने में कोई बहुत अधिक उन्हें सफलता नहीं मिली. आज भी सड़कों में गड्ढे हैं. हत्या और लूट की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है. उनके काल में ही इंदिरा आवास के घोटाले हो गए.यहाँ तक की गरीब ग्रामीण बच्चों और युवाओं के लिए बनने वाले स्टेडियम में घोटाले भी हो गए. दिव्या कांड जैसी निंदनीय घटना भी उसी समय घटी.पर व्यापक रूप से होने वाले इन विरोध-प्रदर्शनों के केंद्र में श्री मेश्राम कभी नहीं रहे.कारण उनका व्यक्तित्व और कृतित्व था. अपनी तमाम सीमाओं को जानते हुए बीच का सुहृदय मार्ग निकाल लेने में उनका कोई सानी नहीं रहा. उन्होंने इस जिलाधिकारी के पद की गरिमा और जन-अपेक्षाएं बढाने में कोई कमी नहीं की , उनके काम अब नए पदाधिकारी के लिए कसौटी होंगे.
कभी वे एक एक्टिविस्ट की भूमिका में नजर आये तो कभी एक सुहृदय बड़े भाई के रूप में मेरे व्यक्तित्व की कमिओं में सुधार करते से लगे.उन्होंने बिना खीझे हुए काम के जूनून को पसंद किया. उनके समय में वर्षा जल-संचयन, वृक्षा-रोपण और ग्राम-स्वराज की अवधारणा के लिए काफी काम किये गए. प्रदेश सरकार के पर्यावरण के मामलों के ब्रांड अम्बैस्डर राजेन्द्र सिंह ‘जल-पुरुष’ का आना-जाना उनके समय में जल्दी-जल्दी होने लगा. उनके पुराने सम्बन्ध फिर से जीवंत हो सके. शहर के गरीब बच्चों के लिए शुरू किया गया ‘एकलव्य योजना’ और विद्या-दान अभियान सिर्फ श्री मेश्राम के चुम्बकीय व्यक्तित्व की वजह से आज फल-फूल रहा है. अपने उद्देश्यों और कार्यक्रमों के प्रति समर्पण का मुजाहिरा देते हुए उन्होंने जाने से पहले कानपुर आये कवि-ह्रदय नए जिलाधिकारी डा. हरिओम को अपने कार्यकाल के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की प्रतिबद्धता के प्रति अवगत कराते हुए एक दस-सूत्रीय अजेंडा सौंपा.
जब वे कानपुर से इलाहाबाद चले तो कानपुर में मिला कम समय और उनके कामों का कम परिणाम कानपुर को प्राप्त हो पाने की टीस उनके मन में थी. किये गए सुधारों और प्रयासों के प्रतिफल के लिए कम-से-कम दो साल का उपयुक्त समय मानते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ही नहीं अन्य प्रमुख पदों पर भी इतना समय बहुत आवश्यक होता है. किसी भी विभाग और शहर की मूल समस्या और लोगों की प्रकृति को जानने और समझने के लिए यह समय नाकाफी था,फिर भी मैंने अथक प्रयासों से कानपुर के लिए काम किया.कानपुर की जीवन्तता उन्हें भा गयी. उन्होंने उम्मीद जताई की उनके उत्तराधिकारी डा. हरिओम उनके कामों को जारी रखेंगे.
इलाहाबाद पहुँचने के बाद पद सम्हालते ही प्रेस के साथिओं से बातचीत करने में अपने पुराने अंदाज में आये.अपनी प्राथमिकताये गिनाई ,जिनमें उनका पर्यावरण-प्रेम फिर उजागर हुआ. मंडल के पर्यटन के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई. शाम को आला अधिकारिओं से बैठक के बाद देर-रात गंगा के तट पर चल रहे त्रिवेणी-महोत्सव में शरीक होकर अपनी रुचियों के लिए समय निकाला.अगले दिन सुबह उनकी सामान्य तरीकों और इलाहबाद के लिए विशिष्ट अनुभवों के साथ हुयी.हुआ ये कि उन्होंने अपनी सुबह के साथ एक लंबी ‘मार्निंग-वाक’ के साथ शहर की समस्याओं की नब्ज को टटोला.
बिना किसी ताम-झाम के वापस रिक्शे में बैठकर वापस आकर उन्होंने नगर-आयुक्त,जल संस्थान सहित जनता से जुड़े विभागों के आला-अधिकारिओं का बुला लिया. कार्यालय के लिए तैयार होते-होते वे सभी अपनी उडती हुयी हवाइयों के साथ उपस्थित थे. जिनका उड़ना लाजिमी भी था क्योंकि अब निजाम बदल चुका था. जिसका अंदाजा उन्हें हो गया था. अभी जनता नहीं जान पायी थी पर बहुत जल्दी इलाहाबाद नए कामों और परिवर्तनों का साक्षी बनेगा.

5 comments:

  1. शुभागमन...!
    हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसके दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । शुभकामनाओं सहित...
    http://najariya.blogspot.com

    ReplyDelete
  2. देश को मुकेश मेश्राम जी जैसे अधिकारियों की ही जरुरत है - धन्यवाद्

    ReplyDelete
  3. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
  4. " भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" की तरफ से आप को तथा आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामना. यहाँ भी आयें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर अवश्य बने .साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ . हमारा पता है ... www.upkhabar.in

    ReplyDelete

There was an error in this gadget

Total Pageviews